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Raat Akeli Hai Review: काफी समय बाद रोमांचित करने वाली मर्डर मिस्ट्री ये फिल्म

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रात अकेली है के एक सीन में नवाजुद्दीन सिद्दीकी. रात अकेली है रोचक कहानी है. जिसे खूबसूरती से लिखा गया है. निर्देशक हनी त्रेहन (Honey Trehan) ने भी अपनी तरफ से कोई त्रुटी बाकी नहीं रहने दी. अभी तक कास्टिंग […]

Raat Akeli Hai Review: काफी समय बाद रोमांचित करने वाली मर्डर मिस्ट्री ये फिल्म


Raat Akeli Hai Review: काफी समय बाद रोमांचित करने वाली मर्डर मिस्ट्री ये फिल्म

रात अकेली है के एक सीन में नवाजुद्दीन सिद्दीकी.

रात अकेली है रोचक कहानी है. जिसे खूबसूरती से लिखा गया है. निर्देशक हनी त्रेहन (Honey Trehan) ने भी अपनी तरफ से कोई त्रुटी बाकी नहीं रहने दी. अभी तक कास्टिंग डायरेक्टर के रूप में पहचाने जाते रहे हनी की यह डायरेक्टर को रूप में पहली फिल्म है.

मुंबई. कोरोना काल में अगर आप घर बैठे ओटीटी प्लेटफॉर्म पर ही एंटरटेन हो रहे हैं तो फिर विश्वास की कीजिए कि आपके हाथों में अब सही चीज आई है. नेटफ्लिक्स पर शुक्रवार को रिलीज हुई फिल्म रात अकेली है, ऐसा थ्रिलर है जिसे देखने में मजा आएगा. नवाजुद्दीन सिद्दिकी यहां यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर (जटिल यादव) हैं, जो एक मर्डर की जांच कर रहे हैं. बात निकलती है तो दूर तलक जाती है, यूं ही नहीं कहा गया है. तफ्तीश के सिरे को जब खींचा जाता है तो मर्डर पर पड़े पर्दे की सिलाई खुलने लगती है. एक-एक कर दो और लाशें बाहर झांकने लगती है. इन्हें दबाया जा सके, इसलिए एक मर्डर और होता है. इस बढ़ती उलझन के बीच इंस्पेक्टर जटिल यादव क्या करे? उस पर लोकल विधायक और एसएसपी का दबाव है कि मामले को रफा-दफा किया जाए. मगर इंस्पेक्टर जटिल यादव का ठोस जवाब है, ‘एक बार दिमाग ठनक गया ना तो चाहे वर्दी जाए चाहे चौकी, हम सच कहीं से भी खोद निकालेंगे.’

रात अकेली है रोचक कहानी है. जिसे खूबसूरती से लिखा गया है. निर्देशक हनी त्रेहन ने भी अपनी तरफ से कोई त्रुटी बाकी नहीं रहने दी. अभी तक कास्टिंग डायरेक्टर के रूप में पहचाने जाते रहे हनी की यह डायरेक्टर को रूप में पहली फिल्म है. अपने नए काम में उन्होंने कुशलता दिखाई है. लेकिन इसमें भी संदेह नहीं कि उन्हें ऐक्टरों की बढ़िया टीम मिली. नवाज का परफॉरमेंस यहां शिखर पर है. वहीं राधिका आप्टे अपनी भूमिका में फिट हैं. इला अरुण, आदित्य श्रीवास्तव, शिवानी रघुवंशी और श्वेता त्रिपाठी सभी कलाकार अपनी भूमिकाओं से न्याय करते हैं.

फिल्म की कहानी यूं है कि उम्र के साठ-पैंसठ बसंत देख चुके ठाकुर रघुवेंद्र सिंह की अपनी दूसरी शादी की रात ही हत्या हो गई. उन्होंने एक जवान युवती राधा (राधिका आप्टे) से ब्याह रचाया था, जिस गरीब को वह मुरैना से खरीद कर लाए थे. ठाकुर की पहली बीवी पांच साल पहले मर गई थी. ठाकुर का भरा-पूरा परिवार है मगर किसी को उनसे प्यार नहीं. परिवार के लोगों को अब डर है कि ठाकुर की मौत के बाद सारी संपत्ति राधा की हो जाएगी. वे नाराज भी हैं. मगर मुद्दा यह कि आखिर ठाकुर को किसने मारा और क्यों. हालांकि कुछ लोगों का यह भी कहना है कि राधा ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर ठाकुर रघुवेंद्र सिंह की जान ली है. मगर इंस्पेक्टर जटिल यादव को इस बात पर विश्वास नहीं हो रहा. वहीं जटिल यादव के राधा से बर्ताव को देख कर उनका एक पुलिसिया साथी संदेह प्रकट करता है कि कहीं वह उसके प्यार में तो नहीं फंस रहे.

यह भी पढ़ेंः सुशांत के पिता के वकील विकास सिंह ने मुंबई पुलिस की जांच पर फिर खड़े किए सवालफिल्म का प्लॉट रोचक है और कहानी अंत तक बांधे रहती है. अंत चौंकाता है और कई खुलासे करता है. फिल्म में नवाज ने अपने परफॉरमेंस से जान डाली है और उन्हें साथियों का पूरा सहयोग मिला है. फिल्म का थ्रिल कहीं ढीला नहीं पड़ता. शुरू से अंत तक रफ्तार बरकरार है. ऐसे में जब आप इसे एक बार देखना शुरू करेंगे तो बीच में रुक नहीं पाएंगे.





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